Tag: philosophy of life

A walk on a Cloudy yet a Bright Day!

It was very sunny that day, And the winter afternoon was bright. I was walking alone, Sharing smile with strangers passing by. I looked forward to the continuity of the flow of Bhagsunath water fall, I looked back and had a view of greenery and dried leaves, I kept wondering about the versatility that nature […]

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चाँद चाँद

कोई चाँद चाँद कहता रहा, कोई चाँद को अपना बना बैठा, कोई चाँद को तस्वीर में उतार चला, कोई चाँद को रस्मों में बांधता चला, कोई चाँद को देखने की फ़िराक में, बादलों को गले लगाता चला, कोई उड़ान भरता है ये सोच के, की एक दिन तो चाँद को पायेगा, कोई खुद  को चाँद […]

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ख्वाब

ख्वाब भी क्या खूब जरिया है, तुझ तक पहुँचने का, कि जब कभी हक़ीक़त जुदा करती है हमे , हम तेरे ख्वाबों की चादर ओढ़ लेते हैं।

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“हाँ है”

समझते भी हो, इतराते भी, लफ़्ज़ों की लड़ी है साथ, साथ है ख़ामोशी की खंकार भी, मनाते भी हो, छेड़ने का कोई अवसर गंवाते भी नहीं, फिक्र करते हो, ‘नहीं तो’ कहने से कतराते भी नहीं, हर कदम साथ हो, नाराज़ होने पर, चेहरे की  अभिव्यक्ति छिपाते भी नहीं, छिप कर हमारे साथ होने की […]

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मैंने देखा है

      मैंने देखा है,     दिन को सांझ होते हुए,     मैंने देखा है,     कली को फूल बनते हुए,     मैंने देखा है,     राह चलते मंजिल मिलते हुए,     मैंने देखा है,     इक्त्फाक होते हुए,     वो बिन मौसम बरसात,     […]

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[mainedekhahai]