हमारे आसपास बहुत कुछ होता रहता है। कुछ अच्छा, कुछ बुरा। हर बुराई मे अच्छाई देखना,सकारात्मक सोच को जन्म देती है। परिवर्तन शीलता का ही नाम जिंदगी है। इस आपदा की घड़ी मे,हम परेशान ना होकर, ये सोचें कि इससे हम क्या सीख सकते हैं, या इसने हमको क्या सीखने के लिए प्रेरित किया है, तो ये हमारी विजय होगी।

कुछ प्रतिध्वंदित करने वाले सबक

1- हर पल को जीना
हम जब कभी भी किसी महान व्यक्ति के उपदेशों को सुनते हैं, वो हमेशा यही कहते है कि जीवन का हर पल कीमती है, इसे खुल कर हंसी खुशी के साथ बिताना चाहिए। हर इंसान की जिंदगी मे सुख और दुख आते हैं, लेकिन दुख के साथ ही रह कर हम अपने आज को गवां बैठते है। इसलिए हम सबको हर पल का स्वाद उसी समय चख लेना चाहिए । हर खुशी को देख दुख दूर भाग जाता है।
और फिर ये तो सुना ही है सबने, ” कल क्या होगा किसको पता,अभी जिंदगी का ले लो मज़ा”।

2 – आभार देना
हम हर पल,हर क्षण, प्रतिपल बिना कुछ सोचे, अनवरत साँस् लेते हैं। हमें उन सबके लिए धन्यवाद देना चाहिए। हम या हमारा क़ोई प्रिय अगर रोग से ग्रसित हो जाता है, और् सुरक्षित निकल जाता है, तो ये आभार हमारे उस पल को खुशनुमा बना देता है। हम अपनों के बिना नही रह सकते। उनको प्रोत्साहित करके उनके दुख को कम करना हमारा कर्तव्य है। हमको जीवन देने वाले हर उस व्यक्ति को आभार प्रकट करना चाहिए जिन्होंने प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हमें सहेजा। ऐसा करके हमें महसूस होगा कि हमारे चारों तरफ सबका आशीर्वाद है। हमें उस हर उपलब्धि का आभार व्यक्त करना चाहिए जो दिखती तो आम है, पर सबके पास नहीं होती।

3- बिना पछतावे के जियो
हम अपने भीतर बहुत कुछ रखते हैं। आप एक अंतर्मुखी या बहिर्मुखी हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्या मायने रखता है अगर आप उस विचार को कहने में सक्षम हैं जो सही समय पर संबंधित व्यक्ति के पास आपके सिर में पड़ा है। बिना पछतावे के जीना आसान हो गया है। उस जीने के लिए, एक व्यक्ति को इस जीवन, इस क्षण और उसके दर्शन की सराहना करने के लिए त्वरित और विचारणीय होना होगा। हम ऐसे समय में रह रहे हैं जहां हमें नहीं पता कि हमारे पास कल होगा या नहीं, इसलिए अपना समय बिताने के लिए बुद्धिमान क्यों न हों और कोई पछतावा न करें।

4- स्वास्थ ही प्राथमिकता
हम में से अधिकांश के लिए जीविका एक प्राथमिकता रही है। पर हम जीविका, घर, परिवार बनाने के लिए अपने स्वास्थ्य को कैसे दांव पर लगा सकते हैं?
जिसके लिए हमारे पास समय नहीं है? इन दिनों जहां इम्यूनिटी के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है, वह हमें इस बात से रूबरू करा रहा है कि हम वास्तव में क्या खाते हैं। बाजार में सभी ब्रांड अपनी तारीफ करके हमारे बटुए को हल्का कर रहे हैं। हमें किस चीज का उपयोग करना चाहिए? क्या हम अब भी जानते हैं कि हमारे लिए क्या सही है! दैनिक व्यायाम हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है। “ध्यान” जिसका हमें अनुपालन करना चाहिए।।

5- आत्म देखभाल और अपने इरादे पर दृष्टि
अक्सर हम अपने को छोड़कर सभी का ध्यान रखने के लिए अपनी अनुसूची में व्यस्त हो जाते हैं। हमारे शरीर और मन को सुनना आत्म-देखभाल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा शरीर हमें बताता है कि क्या यह किसी बदलाव से गुजर रहा है। यह आपके शरीर और दिमाग को बारीकी से सुनने और अपने समय को महत्व देने का समय है। स्वयं को प्राथमिकता दें। इसका मतलब स्वार्थी होना नहीं है। इसका मतलब है कि पहले स्वयं का प्रबंधन करें और दूसरों की मदद करने के योग्य बनें। “दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें”
इरादे के कारण कई रिश्ते, युद्ध, सौदे बने या टूटे। एक का इरादा एक व्यक्ति के चरित्र को परिभाषित करता है और इसका मतलब है कि स्वयं सहित किसी के साथ भी कुछ करने के लिए सही भावना और सही तर्क। सही इरादे वाले लोग इस ग्रह पर एक आशीर्वाद हैं और जीवन में सभी शानदार अनुभवों के अस्तित्व का कारण हैं।

6 – आत्म निर्भरता की महत्ता और एकाकीपन को समझे
हममें से बहुत से लोग किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर हैं इसलिए डरते हैं। स्वतंत्र होने से कई प्रकार की घबराहट की स्थितियों को संभालने पर स्वयं में आत्मविश्वास आता है। यह हमारे जीवन को तुलनात्मक रूप से आसान बनाता है ताकि संचार या नेटवर्किंग कौशल का निर्माण किया जा सके। वित्तीय स्वतंत्रता हमें अपने आप को सुरक्षित महसूस कराती है। यहां तक ​​कि अगर हम भावनात्मक आघात से गुजरते हैं, तो हम अपने जीवन को फिर से बनाने के लिए अपने भीतर समर्थन रखते हैं।
यदि कोई वायरस से संक्रमित हो जाता है तो अलगाव (अलग रहना) आवश्यक है। हम में से अधिकांश सही दवाओं लेने से और घर पर ठीक हो जाते हैं, जिसमें अलगाव एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अकेले कमरे में रहने के बावजूद संभावित कारणों से अकेले रहने का डर हो सकता है। जो लोग अकेले रहने के अभ्यस्त हैं, उनके लिए यह समय दूसरी तरह की चुनौती लेकर आया है। जिस व्यक्ति को अकेले रहने की आदत है उसके लिए प्रतिकूल परिस्थितियों में खुद की देखभाल करने के लिए सुसज्जित नहीं है। वहाँ संचार के महत्व और अपने प्रिय को सूचित रखना आता है। कहा जाता है कि एक बार हम एकांत को समझ लेते हैं और उसे गले लगाना सीख लेते हैं, तो यह बहुत सारे उपचार ला सकता है। निडर रहने और स्वयं का प्रबंधन; और दूसरों की मदद करने में सक्षम होने के लिए पर्याप्त सक्षम होना चाहिए।

7- सबसे बुरे समय के लिए धन बचाएं
संकट को बहुत अधिक वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। संकट को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी वित्तीय शांति दे सकती है जब किसी को वास्तव में इसकी आवश्यकता होती है। वो कहते हैं ना, मुसिबत बता के नहीं अती।

8 – हैल्थ इंश्योरेंस
हमारे देश में स्वास्थ्य बीमा अनिवार्य नहीं है। हम वाहन बीमा करवाते हैं क्योंकि यह अनिवार्य है लेकिन स्वास्थ्य बीमा के महत्व को हम नहीं समझते । जैसे ही कोई चिकित्सकीय परेशानीआती है, चिकित्सा बीमा का बहुत महत्व बढ़ जाता है। बीमा के मामले में वित्तीय मदद बहुत अधिक सहायक हो सकती है।

9 – मदद मांगो और मदद दो
यह ज़रूरी है कि हमारे आस पास क्या हो रहा है उसकी अभिव्यक्ति हम करे। यह बताना महत्वपूर्ण है कि कोई कैसा महसूस करता है। ऐसे समय होते हैं, जब किसी व्यक्ति को अपने आस-पास की दैनिक चुनौतियों को सुनने और जान पहचान के लोगों के निधन को सुनकर परेशानी होती है। किसी भी चुनौती को पार करने के लिए पवित्रता बनाए रखने के लिए संतुलित मानसिक स्वास्थ्य का होना महत्वपूर्ण है, और यह एक अदृश्य चीज़ है जिसे एक मजबूत दिमाग वाले व्यक्ति द्वारा चाहा जा सकता है।
जितना आप मदद चाहते हैं, किसी को इसकी आवश्यकता हो सकती है। चारों ओर देखो और जितना संभव हो उतनी मदद की पेशकश करें। हमेशा।

10- प्राकृतिक ऑक्सीजन प्रदाता को ग्रह पर हर इंसान के लिए प्राथमिकता

यह संकट और आपातकालीन स्थिति इस तथ्य के लिए एक आंख खोलने वाली भी है कि हमने अपने ग्रह के लिए क्या किया है। क्या यह महसूस करना आपके लिए झटका नहीं है कि वर्षों पहले आपने पानी की बोतलें खरीदनी शुरू की थीं और अब जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन। क्या यह आपको अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित नही करता? प्राकृतिक ऑक्सीजन मेडिकल ऑक्सीजन से अलग है। हालांकि अगर ऐसे समय में यह साबित नहीं किया जा सका तो ये बहुत भयंकर और विनाशकारी होगा। हमारा कर्तव्य है कि हमअधिक से अधिक पेड़ लगाएं।

11- संरक्षित रहें
हमें बुनियादी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जब हम बच्चे थे, तब हमें खाने से पहले और खाने के बाद हाथ धोने के लिए कहा जाता था। यह समय मास्क और सैनिटाइजर की उपयोगिता को समझने का है। आज के परिवेश मे हाथ धोकर और सामाजिक दूरी बना कर हमें अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। बहुत प्रचलित कहावत है कि, “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। “

12- वायरस को खत्म करने के लिए चेन को तोड़ें
जब तक हम वायरस की चेन को तोड़ेगें नहीं, यह हमसे दूर नहीं जाएगा। यह तभी संभव होगा जब हम पहले बताए गए बिंदुओं का पालन करेंगे। इस पृथ्वी पर एक भी व्यक्ति के संक्रमित होने तक,हमें मास्क के उपयोग के साथ उपर्युक्त बातों पर भी अमल करना होगा।


हमारा जीवन हमारे ही हाथों में सुरक्षित है। हम किसी भी संगठन या सरकार को किसी भी दुर्घटना के लिए दोषी नही ठहरा सकते हैं। हमें अपनी ज़िम्मेदारी स्वयं उठानी होगी। जितनी जल्दी हम इससे छुटकारा प्राप्त कर लें, उतना बेहतर होगा।
मेरी मनोकामना है कि अपना भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए हम सब के पास पूर्ण ज्ञान और शक्ति हो। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम मानव बनना सीखें और अपने नैतिक मूल्यों और मानवता को बनाए रखें।

सुरक्षित और स्वस्थ रहें, व्‍यवहार-बुद्धि सहित,
श्रुति


This article has been translated in Hindi by very talented Mrs. Kumkum Bhargava, who is also our Creative logger.
You can read her poems on Creative Logger section.

Article in English is available on this link –
Hidden learnings of life – Covid-19 has brought in our lives – Maine Dekha Hai

https://mainedekhahai.com/maine-dekha-hai-experiences-by-shruti-bhargava/hidden-learnings-of-life-covid-19-has-brought-in-our-lives/

2 COMMENTS

Leave A Reply

Please enter your comment!
Please enter your name here