13.1 C
New Delhi
Sunday, January 29, 2023

आज़ादी

आज़ादी का चर्चा हुआ है आज , हम आज़ाद हैं, हर दिल कह कर झूमा है आज , जो की जाट पात की बेड़ियों से उलझे हमारे कदम रुकते हैं आज भी, तुम इस...

Tum Tumhare Ho!

अगर बेताबियों के साथ हर पल गुज़रता है, अगर किसी के ना होने का दर्द तुम्हे भी होता है, अगर कुछ कर गुजरने का जज़्बा रखते हो तुम, अगर सच कहने से नहीं...

हम काले क्यूं है?

Hum Kaale Kyun Hain ? By Shruti Bhargava, Maine Dekha Hai हम काले क्यूं है? सात रंगों के इन्द्रधनुष को देख,मुस्कुराहट कान से कान तक बंध जाती है,बारिश और सूरज की किरणों का जादू, सतरंगी एहसास जगाती है।कभी सोचा है,कि...

काश – Kaash

Kaash - A poem by Shruti काश मैं वो चांद होता जिसे छूने को वो अटल हो सके, काश मैं वो फूल होता जिसकी खुशबू सांसों में बस सके, काश मैं वो भूल होता, जिसे कभी...

ख्वाइशें – Khwaishein

हकीकत जैसी भी हो,ख्वाब अद्भुत है।  इन ख्वाबों से कहो,मेरी ख्वाइशों से रोज़ मिला करें,जैसे ही पूरी होती है,बदल जाती हैं।  बदलती है, अपने रूप,अपने आकार में,अपनी खुशबू में,अपने आकाश में,फिर भी मेरी ही है,बेहद अपनी सी है।बदलती...

नारी – Naari

video
https://www.facebook.com/mainedekhahai/posts/1033524893729827?comment_id=1034228023659514&notif_id=1590834018808615&notif_t=feed_comment नारी हूं,और नर पहले,सफल हूं अपनी परिभाषा में,संतुष्ट भी साकार किए हुए सपनों में।टूटती हूं और चकनाचूर हो जाती हूं,खुद को समेट लेती हूं, अचंभा हो जाती हूं।संक्षेप हूं और विस्तार भी,कश्ती हूं और तूफान भी,बिखरती हूं...

ये आँखें देखना चाहती हैं – Ye Aankhein Dekhna Chahti Hain

video
https://www.facebook.com/mainedekhahai/videos/260385878441532/ रात को सोते वक़्त, अंधेरे कमरे में,जब आंखे जागती है,ख्याल इतने होते है,अपनी अपनी खुशी तराशती है। किसी को सोते वक़्त अगले दिन का नाश्ता क्या होगा ?ये ख्याल आता है,कोई कल सुबह तक भूक से मर ना...

Hai Magar – है मगर

video
है मगर, मुझसा दिखता तो है,पर मैं मुझसे कहीं खो गया है।है मगर,देखता सब कुछ है,मेहसूस भी करता है,पर मुझमें से मैं खो गया है।है मगर,सही राह चल रहा है,पर वो खास राह कहीं खो गया है।है मगर,कई...

Lockdown, Quarantine, Hum, Ghar aur Corona Warriors- Sandesh

video
Who could have thought that such time would come when human beings would be caged in their own cage, by themselves. An invisible virus would make us realize each moment lived that far, sometimes with full awareness...

Maa – माँ

video
Hello की tone से समझ जाती है, मेरे मन की खलबली को, चुप रहूं, तो भाप लेती है, मेरे दिल में उभर रही तरंगों को,ऊंची आवाज़ में मैं कभी जो बोल देती हूं उससे, समझ जाती...

Stay connected

1,436FansLike
589FollowersFollow
71SubscribersSubscribe
New Delhi
mist
13.1 ° C
13.1 °
13.1 °
76 %
0kmh
96 %
Sat
14 °
Sun
17 °
Mon
23 °
Tue
23 °
Wed
23 °
- Communication-