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Thursday, December 2, 2021
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Poetry

” Read and visualize experiences in this beautiful journey of mine and others called Life! “

कुछ नहीं

वो रूठा होता है (मनाने का इंतज़ार कर रहा होता है),कभी संकोच में, उलझा होता है, कभी बयान ना हो पा रहे जज़्बात में,झूमता है हंसी के साथ, कभी असीम ख़ुशी में,अधूरा होता है, कभी अपने ही...

“हाँ है”

समझते भी हो,इतराते भी,लफ़्ज़ों की लड़ी है साथ,साथ है ख़ामोशी की खंकार भी,मनाते भी हो,छेड़ने का कोई अवसर गंवाते भी नहीं,फिक्र करते हो,‘नहीं तो’ कहने से कतराते भी नहीं,हर कदम साथ हो,नाराज़ होने पर, चेहरे की  अभिव्यक्ति...

मैंने देखा है

मैंने देखा है दिन को सांझ होते हुए, मैंने देखा है,  कली को फूल बनते हुए, मैंने देखा है, राह चलते मंजिल मिलते हुए, मैंने देखा है, इक्त्फाक होते हुए, वो बिन मौसम बरसात,...

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